सेवा पटना द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर दिनांक 14 अप्रैल 2026 को ए.एन. सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान, पटना में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य अतिथियों, बैंक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
इस अवसर पर माननीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री श्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि माननीय पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय पासवान विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय स्टेट बैंक, पटना सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक श्री अनुराग जोशी भी कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सिकंदरा के विधायक श्री प्रफुल्ल कुमार मांझी जी की भी उपस्थिति भी रही।
अन्य गणमान्य अतिथियों में श्री विवेक चंद्र जायसवाल, महाप्रबंधक, झारखंड, एसबीआई पटना; श्री देवेश मित्तल, मुख्य विकास अधिकारी, एसबीआई पटना; पटना जोन के उप महाप्रबंधक; एसबीआईओए पटना के अध्यक्ष श्री अरिजीत बोस तथा एसबीआईओए पटना के महासचिव श्री अमरेश विक्रमादित्य भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा पटना के महासचिव श्री लक्ष्मी नारायण पासवान द्वारा स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का उनका संदेश आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहा है।
माननीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर को आधुनिक भारत का शिल्पकार और सामाजिक न्याय का अग्रदूत बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा और उन्होंने शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाती/ जनजाति में अभी भी साक्षरता दर बहुत कम है और इसे बढ़ाने की आवश्यकता है। आज भी देश में गरीबी दर बहुत ज्यादा है और इसे पाटने का काम युवा वर्ग को बाबा साहब के आदर्शों पर चल कर करना होगा। और इसके लिए शिक्षा ही एकमात्र अस्त्र है। उन्होंने देश में कॉमन स्कूल सिस्टम लागु करने की भी बात करी।
उन्होंने सेवा पटना एवं भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें डॉ. अंबेडकर के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपनाने और समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय पासवान ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के “शिक्षित बनो, संगठित बनो, संघर्ष करो” के संदेश को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक समावेशन भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अम्बेडकर जी के नाम के अक्षरों की अर्थपूर्ण व्याख्या करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में सबसे अधिक मूर्तियां बाबा साहब की स्थापित हैं. उन्हें आज के समय में संगठन की महत्ता और प्रासंगिकता पर भी जोर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ संजय वाल्मीकि ने भी सभा को संबोधित किया एवं बाबा साहब के बारे में परिचर्चा की।
उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से डॉ. अंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी डॉ. अंबेडकर ने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और यही संदेश आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
भारतीय स्टेट बैंक, पटना सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक श्री अनुराग जोशी ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को समावेशी विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण, डॉ. अंबेडकर के सपनों के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विशेष रूप से बैंक की विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं तथा सामाजिक जिम्मेदारी के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया।
श्री जोशी ने इस अवसर पर इंद्र प्रसाद सिंह गंगास्थली उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय ज्ञानपीठ, पटना की 150 से अधिक बच्चियों को स्कूल किट वितरण को अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और इस दिशा में भारतीय स्टेट बैंक आगे भी निरंतर कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर श्री विवेक चंद्र जायसवाल, महाप्रबंधक, झारखंड, एसबीआई पटना ने भी सभा को संबोधित किया और बाबा साहब के जीवन, कार्य एवं आदर्शों का स्मरण किया।
एसबीआईओए पटना के महासचिव श्री अमरेश विक्रमादित्य ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और समान अवसरों की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र वित्तीय समावेशन के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक की सामाजिक प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि बैंक द्वारा किए जा रहे सीएसआर कार्यक्रम समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने में सहायक हैं। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपनाते हुए सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन का आह्वान किया।
साथ ही अमरेश जी ने माननीय मंत्री महोदय श्री जीतन राम मांझी जी से बैंकर्स के बहुप्रतीक्षित परंतु विलंबित 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को शीघ्र लागू करवाने की अनुशंसा केंद्र सरकार से करने का आग्रह किया एवं इस संदर्भ में प्रयास करने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत समाज के कमजोर वर्गों के 150 से अधिक स्कूली बच्चियों को स्कूल किट एवं अध्ययन सामग्री वितरित की गई। इस पहल की सभी अतिथियों ने सराहना की और इसे डॉ. अंबेडकर के शिक्षा आधारित सशक्तिकरण के विचार को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री जय कुमार चौधरी द्वारा किया गया। अंत में सेवा पटना के अध्यक्ष श्री लिवांस जोजो ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को आगे बढ़ाने और समतामूलक समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
