Thursday, April 3आदिवासी आवाज़

राजेश कुमार के खोरठा ‘मुक्तक’

NAGADA : The Adiwasi Media

ब्रह्मास्त्र

एक रथेक दुइ चक्का
जखन टुइट जाहे
चक्का चलइ – मेंतूक
रथ नाजू चलइ ।
एका “शक्ति” हइ
मेंतुक “फूट” हइ “बिखराव”
जइ लाख जतन करलों
नाइ बने पारे हइ “ब्रह्मास्त्र”

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“चाइर दिन”

ई चाइर दिनकइ जिनगी कइ
हाम तअ नाइ कुछ बुझे हों।
करे हों वहे कि जेकरा हाम
भीतर सइ सही समझें हों ।।