– तीन दशक बाद अपने विद्यालय पहुंच 1993 बैच के छात्र अनंत ने साझा कीं यादें, विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन
तीन दशक पहले विद्यालय में अपने छात्र-जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आज वह जो भी कुछ भी हैं, जिस मुकाम पर हैं, उसमें डीपीएस बोकारो की केंद्रीय भूमिका है। यहां की कुशल शैक्षणिक-व्यवस्था और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के समेकित प्रयत्नों का ही परिणाम है कि आज डीपीएस बोकारो शिक्षा के क्षेत्र में एक ब्रांड बन चुका है। आज के विद्यार्थी यहां के उन्नत संसाधनों का लाभ लें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से व्यक्तित्व-विकास के लिए खेलकूद, कला-संगीत सहित सभी सह-शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने, स्वास्थ्य को प्रथम प्राथमिकता देने, ज्ञान के स्तर में बढ़ोतरी हेतु नियमित समाचार-पत्र पढ़ने तथा सोशल मीडिया का संतुलित इस्तेमाल करने की भी अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का आनंद लें, मित्रता करें और किसी भी असफलता से घबराने की बजाय उससे सीख लें।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए एस गंगवार ने इस प्रकार की अतिथि व्याख्यानशाला को विद्यार्थियों के हित में आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों से जरिए छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया जाता रहा है। उन्होंने अपर नगर आयुक्त श्री कुमार के व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया। श्री कुमार ने भी व्याख्यान के अवसर को लेकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
