वेदांता ने कर्मचारियों को दिया ₹2,500 करोड़ का इक्विटी ग्रांट

NAGADA : The Adiwasi Media

नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026:

वेदांता लिमिटेड ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बड़ी पहल करते हुए अपने कर्मचारियों के लिए ₹2,500 करोड़ का समग्र इक्विटी ग्रांट प्रदान किया है। कंपनी ने यह लाभ एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत दिया है, जिसे भारत में कर्मचारियों के लिए संपत्ति सृजन की सबसे बड़ी पहलों में से एक माना जा रहा है। यह योजना वर्ष 2020 से लागू है और इसके जरिए कर्मचारियों को बेहद कम कीमत पर कंपनी के शेयर दिए गए हैं।

कंपनी के अनुसार, कर्मचारियों को ₹1 प्रति शेयर की दर से स्टॉक ऑप्शन आवंटित किए गए हैं, जो अब तक का सबसे कम ESOP मूल्य बताया जा रहा है। हालिया वेस्टिंग साइकिल के दौरान वेदांता के शेयर मूल्य में लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे ESOP 2022 वेस्टिंग के तहत कर्मचारियों के लिए ₹300 करोड़ से अधिक की संपत्ति सृजित हुई।

वर्ष 2025 में कंपनी ने 1,200 कर्मचारियों को पहली बार ESOP का लाभ दिया। इनमें फ्रेशर्स और शुरुआती करियर के युवा पेशेवर भी शामिल हैं। ESOP 2025 के अंतर्गत ₹500 करोड़ से अधिक के स्टॉक विकल्प आवंटित किए गए हैं। वेदांता का कहना है कि उसका ESOP मॉडल देश के सबसे समावेशी मॉडलों में से एक है, जो प्लांट, फंक्शन और करियर स्तर पर कंपनी के लगभग 40 प्रतिशत कार्यबल को कवर करता है।

कंपनी पिछले दो दशकों से ESOP प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभा रही है और कर्मचारी स्वामित्व को अपनी संगठनात्मक संस्कृति का अहम हिस्सा मानती है। इस योजना के तहत फ्रेशर्स और शुरुआती करियर के कर्मचारियों को तीन वर्षों की वेस्टिंग अवधि में उनके वार्षिक वेतन के लगभग 30 प्रतिशत तक का इक्विटी लाभ मिलता है, जिससे वेदांता उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है जो रिकॉर्ड समय में फ्रेशर्स को ESOP प्रदान करती हैं।

कर्मचारियों के अनुसार, ESOP से मिली संपत्ति ने उनके जीवन में ठोस बदलाव किए हैं, जिनमें घर खरीदना, बच्चों की उच्च शिक्षा, पहली कार, पारिवारिक जरूरतों की पूर्ति और दीर्घकालिक बचत जैसे लक्ष्य शामिल हैं। हिंदुस्तान जिंक में स्मेल्टिंग ऑपरेशंस के मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि पारिवारिक जरूरत के समय ESOP उनके लिए बड़ा सहारा बना। बालको में क्वालिटी मैनेजमेंट के एसोसिएट जीएम एस. एम. रहमान कासिम ने कहा कि इस योजना से वे बच्चों की पढ़ाई का खर्च बिना आर्थिक दबाव के उठा सके। स्टरलाइट कॉपर में फाइनेंस के एसोसिएट मैनेजर नीलेश भोर ने इसे आपात स्थिति में परिवार के लिए लाइफलाइन बताया।

वेदांता की ESOP संरचना कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ी हुई है और ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, एआई आधारित नवाचार, संचालन उत्कृष्टता और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देती है। यह पहल कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के उस दृष्टिकोण से जुड़ी है, जिसमें हर कर्मचारी को समान आर्थिक अवसर और विकास का अधिकार देने पर जोर दिया गया है।

कंपनी का कहना है कि इस तरह की पहलों के जरिए वेदांता भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में प्रतिपूर्ति और कर्मचारी स्वामित्व की नई परिभाषा गढ़ रही है, ताकि कंपनी के विकास में योगदान देने वाले कर्मचारियों को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। वेदांता ग्रुप क्रिटिकल मिनरल्स, मेटल्स, एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सक्रिय है और 2050 या उससे पहले नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।