सृजन में डीपीएस बोकारो के विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी वैज्ञानिक व रचनात्मक प्रतिभा

विष्य की चुनौतियां नहीं, समस्या का समाधान बनें  हमारे आविष्कार : डॉ. प्रियांक

बीआईटी मेसरा के स्पेस इंजीनियरिंग व रॉकेट्री प्रमुख ने किया बच्चों का मार्गदर्शन

बोकारो ः विद्यार्थियों की वैज्ञानिक व रचनात्मक प्रतिभा निखारने के उद्देश्य से डीपीएस बोकारो में दो-दिवसीय अंतर सदन विज्ञान प्रदर्शनी एवं बाल अधिकार प्रतियोगिता – सृजन का आयोजन किया गया। इसका समापन शुक्रवार को हुआ। इसमें विद्यालय के सभी छह सदनों के 100 से अधिक विद्यार्थी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। अपने प्रदर्शों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जमकर अपनी वैज्ञानिक सृजनशीलता व रचनात्मक प्रतिभा को दिखाया। मुख्यतः ऊर्जा व पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता से संबंधित उनके मॉडल भविष्य की तकनीक और सुलभ सुविधाओं को परिलक्षित कर रहे थे। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीआईटी मेसरा में स्पेस इंजीनियरिंग एवं रॉकेट्री के प्रमुख डॉ. प्रियांक कुमार ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि ने बारी-बारी से प्रत्येक स्टॉल पर जाकर बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया, उनकी सराहना की तथा उनके नवाचार में बेहतरी के लिए अपने सुझाव भी दिए।

अपने संबोधन में डॉ. प्रियांक ने कहा कि निश्चय ही दुनिया विज्ञान के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ गई है। हमारा भारत भी अंतरिक्ष विज्ञान में नए सोपान पर है, परंतु कहीं-न-कहीं हमारे आविष्कारों का परिणाम प्रकृति को भुगतना पड़ रहा है। अंतरिक्ष भी मानव-निर्मित उपग्रहों के कचरे से भरता जा रहा है। पूरा विश्व आज प्रदूषण की विकट समस्या झेल रहा है। ऐसे में हमें इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि हमारे आविष्कार और हमारी नवोन्मेषता समस्याओं का समाधान बनें, न कि आगे चलकर स्वयं एक समस्या या बड़ी चुनौती बन जाए। प्राचार्य डॉ. गंगवार ने कहा कि डीपीएस बोकारो केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों को हर वह अवसर देता है, जिससे कि उनका समग्र विकास हो सके। ऐसे आयोजनों से उनकी प्रतिभा निखरती है।

बेहतर प्रदर्शन के आधार पर विज्ञान प्रदर्शनी के जूनियर वर्ग में इको फ्रेंडली चूल्हा के लिए गंगा हाउस को प्रथम स्थान मिला। दूसरे स्थान पर सतलज (वाट वाचर) व तीसरे स्थान पर चेनाब सदन (मल्टी फंक्शन वैक्यूम क्लीनर रोबोट) रहा। सीनियर में सतलज हाउस प्रथम (वेस्ट सेग्रीगेशन), गंगा (डार्कनेस टू लाइट) व जमुना ( (कल्टीवेटिंग क्लीन एनर्जी) संयुक्त रूप से द्वितीय तथा झेलम (बायोगैस ट्रीटमेंट प्लांट) तृतीय स्थान पर रहा। इसी प्रकार, अंतर सदन बाल अधिकार प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में गंगा (राइट फॉर चिल्ड्रन), चेनाब (पर्यावरण संरक्षण) व जमुना (मेंस्ट्रुअल हाइजीन बॉक्स) तथा सीनियर में जमुना (एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन), गंगा (फाइट टू फ्रीडम) एवं चेनाब (बाल अधिकार समिति) ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंतर सदन क्विज प्रतियोगिता (सीनियर) में गंगा, सतलज और रावी क्रमशः पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। जबकि, आईटी कंपटीशन के जूनियर वर्ग में झेलम (अविरल तन्मय) पहले, चेनाब (आरूष प्रियदर्शी) दूसरे व जमुना हाउस (वैभव कुमार) तीसरे स्थान पर रहे। सीनियर वर्ग में रावी (श्रेयांशु घोष), जमुना (अपूर्वा झा) व चेनाब सदन (अनुज) क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे।

विज्ञान प्रदर्शनी के निर्णायकों में बीएसएल के वरीय प्रबंधक प्रशांत कुमार सिंह एवं इलेक्ट्रोस्टील के सहायक प्रबंधक मो. शमीम तथा बाल अधिकार प्रतियोगिता के निर्णायकों में एनसीएससी, झारखंड के उप-महासचिव पी. आर. के. वर्मा  एवं बोकारो स्टील प्लांट के सहायक महाप्रबंधक सह ऊर्जा प्रमाणन ब्यूरो के प्रमाणित ऊर्जा अंकेक्षक (आडिटर) शशांक शेखर शामिल थे। इस अवसर पर गणितीय पहेली पर आधारित खेल, विज्ञान के चमत्कारिक तथ्यों, मानसिक तंत्रिका तंत्र व मानव शरीर की गतिशील अस्थियों को दर्शाते प्रदर्शों तथा विद्यालय द्वारा संचालित महिला स्वावलंबन केंद्र कोशिश के उत्पादों के स्टॉल भी आकर्षण का केन्द्र रहे। चंद्रयान- 3 और इसके विक्रम लैंडर की अनुकृति भी लुभावनी रही।

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